दान करें
आप निम्न प्रकार से हमें भुगतान कर सदस्यता प्राप्त कर सकते हैं।
युधिष्ठिर के पास एक भिखारी आया. उन्होंने उसे अगले दिन आने के लिए कह दिया. इस पर भीम हर्षित हो उठे. उन्होंने सोचा कि उनके बड़े भाई ने कल तक के लिए मृत्यु पर विजय प्राप्त कर ली है.
- महाभारत
विनम्र भाव से ऐसे दान करना चाहिए जैसे उसके लेने से आप कृतज्ञ हुए.
- डा. के. के. अग्रवाल
एक व्यक्ति का मन इस बात में होता है की वह क्या दे सकता है , इसमें नहीं की वह क्या पा सकता है
-ऐनी फ्रैंक
"कोई भी व्यक्ति दान देकर कभी गरीब नहीं बना है."
-ओपराह विनफ्रे
हम आपनी जीविका जो हमें मिलता है उससे चलाते हैं लेकिन हम दान देकर किसी की जिंदगी बनाते हैं |
-माया एंजेलो
प्यार देकर बढ़ता है | जो प्यार हम दूसरों को देते हैं वही हमारे साथ रहता है | प्यार को बनाये रखने का एक ही तरीका है और वह है बांटने का |
-एलेअनोर रूज़वेल्ट
UPI से भुगतान करें
बैंक द्वारा भुगतान करें
हिंदी भाषा और साहित्य के संवर्धन हेतु आप ट्रस्ट के निम्न खाते में किसी भी माध्यम से बैंक अकाउंट संख्या तथा IFSC संख्या की सहायता से दान की राशि जमा कर सकते हैं.
- खाताधारक का नाम : प्रज्ञा हिंदी सेवार्थ संस्थान ट्रस्ट
- बैंक : पंजाब नेशनल बैंक बैंक, आगरा गेट, फ़िरोज़ाबाद
- खाता संख्या : 03822122001786
- आई एफ एस सी : PUNB0038210
- मोबाइल : +91 7017646795
- Account Holder : PRAGYA HINDI SEVARTH SANSTHAN TRUST
- Bank : Punjab National Bank, Agra Gate, Fzd
- ACCOUNT NO. : 03822122001786
- IFSC : PUNB0038210
- Mob : +91 7017646795